क्या नवजात शिशु के लिए जैतून के तेल की मालिश अच्छी है?HealthPlanet

Posted on Wed 19th Oct 2022 : 10:57

क्या शिशु की मालिश के लिए जैतून के तेल का उपयोग करना सुरक्षित है? | Bachon Ke Liye Jaitun Oil

जी हां, विभिन्न मामलों में शिशु की मालिश के लिए जैतून के तेल का उपयोग करना सुरक्षित है। शिशु के शरीर पर जैतून के तेल का उपयोग करने के कई फायदे हो सकते हैं, हालांकि, कुछ मामलों में जैतून के तेल से मालिश करने से शिशु को कुछ समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। इस बारे में लेख में आगे विस्तार से बताया गया है।

बच्चों के लिए जैतून के तेल से मालिश के फायदे

शिशु की मालिश के लिए जैतून के तेल का उपयोग करने के फायदे कुछ इस प्रकार हैं:

वजन बढ़ाए : अगर शिशु का जन्म समय से पहले हुआ है और उसका वजन कम है, तो जैतून के तेल से मसाज करने से उसका वजन बढ़ाने में मदद मिल सकती हैं (2)।

त्वचा को मुलायम बनाए : अगर शिशु की त्वचा रूखी है, तो शुद्ध वर्जिन ऑर्गेनिक जैतून के तेल से मसाज करने से उसकी त्वचा को मुलायम बनाया जा सकता है (3)।

क्रेडेल कैप से राहत : अगर शिशु के सिर पर तैलीय व पीले रैशेज (Cradel cap) हैं, तो शैम्पू करने से पहले उसके सिर पर थोड़ा-सा जैतून का तेल लगाने से रैशेज को कम किया जा सकता है (4)। साथ ही, ध्यान रखें कि लंबे समय तक बच्चे के सिर पर जैतून का तेल लगाकर छोड़ने से सिर पर संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है।

रक्त संचार बेहतर करे : मसाज करने से बच्चों में रक्त संचार बेहतर होगा और उनके विकास में मदद मिल सकती है (5)। फिर चाहे आप इसके लिए जैतून का तेल का इस्तेमाल करें या कोई अन्य तेल।

बेहतर नींद में मदद करे : अगर बच्चों की अच्छी तरह से मसाज की जाए, तो इससे उन्हें रिलैक्स मिलता है और वो बेहतर नींद ले सकते हैं। इसके लिए आप हल्का गुनगुना जैतून का तेल इस्तेमाल करें (6)।

मानसिक विकास : जैतून का तेल उनकी मानसिक क्षमता और केंद्रीय तंत्रिका तंत्र (neurodevelopment) के विकास में मदद करता है (7)।

जुकाम-खांसी से आराम : अगर शिशु को जुकाम और खांसी हो रही हो, तो उसके शरीर पर मसाज करने से जुकाम और खांसी में भी राहत मिल सकती है (8)।

यह जानने के बाद कि बच्चों की मालिश के लिए जैतून का तेल कैसा है, आइए अब आपको बता दें कि शिशु की मसाज किस तरह की जानी चाहिए।


जैतून के तेल से अपने शिशु की मालिश कैसे करें?

जैतून के तेल से अपने शिशु की मसाज आप नीचे बताए गए तरीके से कर सकते हैं:

सबसे पहले वर्जिन जैतून के तेल में बराबर मात्रा में गुनगुना पानी मिला लें। शिशु की त्वचा संवेदनशील होती है और शुद्ध ओलिव ऑयल का उपयोग करने से उस पर रैशेज पड़ सकते हैं।
थोड़ा-सा जैतून का तेल अपनी हथेलियों में ले कर, शिशु के सीने से मसाज की शुरुआत करें।
सीने से होते हुए शिशु के कंधों और हाथों की मालिश करें।
इसी प्रकार शिशु की पीठ पर भी मालिश करें।
आखिरी में बच्चे में पैरों और तलवों की मसाज करें।
लगभग 15-20 मिनट मसाज करने के बाद शिशु को कुछ देर खेलने दें और फिर उसे हल्के गुनगुने पानी से नहला दें या साफ कर दें।
डॉक्टर के अनुसार, बच्चे की मालिश दिन में तीन बार की जानी चाहिए।

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