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कà¥à¤¯à¤¾ शिशॠकी मालिश के लिठजैतून के तेल का उपयोग करना सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ है? | Bachon Ke Liye Jaitun Oil
जी हां, विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ मामलों में शिशॠकी मालिश के लिठजैतून के तेल का उपयोग करना सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ है। शिशॠके शरीर पर जैतून के तेल का उपयोग करने के कई फायदे हो सकते हैं, हालांकि, कà¥à¤› मामलों में जैतून के तेल से मालिश करने से शिशॠको कà¥à¤› समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं का सामना करना पड़ सकता है। इस बारे में लेख में आगे विसà¥à¤¤à¤¾à¤° से बताया गया है।
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के लिठजैतून के तेल से मालिश के फायदे
शिशॠकी मालिश के लिठजैतून के तेल का उपयोग करने के फायदे कà¥à¤› इस पà¥à¤°à¤•ार हैं:
वजन बà¥à¤¾à¤ : अगर शिशॠका जनà¥à¤® समय से पहले हà¥à¤† है और उसका वजन कम है, तो जैतून के तेल से मसाज करने से उसका वजन बà¥à¤¾à¤¨à¥‡ में मदद मिल सकती हैं (2)।
तà¥à¤µà¤šà¤¾ को मà¥à¤²à¤¾à¤¯à¤® बनाठ: अगर शिशॠकी तà¥à¤µà¤šà¤¾ रूखी है, तो शà¥à¤¦à¥à¤§ वरà¥à¤œà¤¿à¤¨ ऑरà¥à¤—ेनिक जैतून के तेल से मसाज करने से उसकी तà¥à¤µà¤šà¤¾ को मà¥à¤²à¤¾à¤¯à¤® बनाया जा सकता है (3)।
कà¥à¤°à¥‡à¤¡à¥‡à¤² कैप से राहत : अगर शिशॠके सिर पर तैलीय व पीले रैशेज (Cradel cap) हैं, तो शैमà¥à¤ªà¥‚ करने से पहले उसके सिर पर थोड़ा-सा जैतून का तेल लगाने से रैशेज को कम किया जा सकता है (4)। साथ ही, धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखें कि लंबे समय तक बचà¥à¤šà¥‡ के सिर पर जैतून का तेल लगाकर छोड़ने से सिर पर संकà¥à¤°à¤®à¤£ का खतरा बॠसकता है।
रकà¥à¤¤ संचार बेहतर करे : मसाज करने से बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में रकà¥à¤¤ संचार बेहतर होगा और उनके विकास में मदद मिल सकती है (5)। फिर चाहे आप इसके लिठजैतून का तेल का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करें या कोई अनà¥à¤¯ तेल।
बेहतर नींद में मदद करे : अगर बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ की अचà¥à¤›à¥€ तरह से मसाज की जाà¤, तो इससे उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ रिलैकà¥à¤¸ मिलता है और वो बेहतर नींद ले सकते हैं। इसके लिठआप हलà¥à¤•ा गà¥à¤¨à¤—à¥à¤¨à¤¾ जैतून का तेल इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करें (6)।
मानसिक विकास : जैतून का तेल उनकी मानसिक कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ और केंदà¥à¤°à¥€à¤¯ तंतà¥à¤°à¤¿à¤•ा तंतà¥à¤° (neurodevelopment) के विकास में मदद करता है (7)।
जà¥à¤•ाम-खांसी से आराम : अगर शिशॠको जà¥à¤•ाम और खांसी हो रही हो, तो उसके शरीर पर मसाज करने से जà¥à¤•ाम और खांसी में à¤à¥€ राहत मिल सकती है (8)।
यह जानने के बाद कि बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ की मालिश के लिठजैतून का तेल कैसा है, आइठअब आपको बता दें कि शिशॠकी मसाज किस तरह की जानी चाहिà¤à¥¤
जैतून के तेल से अपने शिशॠकी मालिश कैसे करें?
जैतून के तेल से अपने शिशॠकी मसाज आप नीचे बताठगठतरीके से कर सकते हैं:
सबसे पहले वरà¥à¤œà¤¿à¤¨ जैतून के तेल में बराबर मातà¥à¤°à¤¾ में गà¥à¤¨à¤—à¥à¤¨à¤¾ पानी मिला लें। शिशॠकी तà¥à¤µà¤šà¤¾ संवेदनशील होती है और शà¥à¤¦à¥à¤§ ओलिव ऑयल का उपयोग करने से उस पर रैशेज पड़ सकते हैं।
थोड़ा-सा जैतून का तेल अपनी हथेलियों में ले कर, शिशॠके सीने से मसाज की शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ करें।
सीने से होते हà¥à¤ शिशॠके कंधों और हाथों की मालिश करें।
इसी पà¥à¤°à¤•ार शिशॠकी पीठपर à¤à¥€ मालिश करें।
आखिरी में बचà¥à¤šà¥‡ में पैरों और तलवों की मसाज करें।
लगà¤à¤— 15-20 मिनट मसाज करने के बाद शिशॠको कà¥à¤› देर खेलने दें और फिर उसे हलà¥à¤•े गà¥à¤¨à¤—à¥à¤¨à¥‡ पानी से नहला दें या साफ कर दें।
डॉकà¥à¤Ÿà¤° के अनà¥à¤¸à¤¾à¤°, बचà¥à¤šà¥‡ की मालिश दिन में तीन बार की जानी चाहिà¤à¥¤
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